समय का एक महत्वपूर्ण पहलू हैं परमाणु स्तर पर अणुओं की गति की उपस्थिति। जैसे की फोटॉन्स की परमाणु स्तर पर गतिविधि। ब्रह्माण्ड की किसी भी चीज या ताकत में समय की उपस्थिति तो होती ही हैं। ज्यादातर हम समय को तिन रूपों से जानते हैं : भूतकाल,वर्तमान और भविष्य।
समय की सबसे अधिक वास्तविकता हम अभी के समय में देखते हैं। जिसे हम वर्तमान भी कहते हैं। लेकिन हम वर्तमान में कोई चीज़ देखने या अनुभव करने से पहले ही वह भूतकाल हो जाती हैं। वर्तमान एक छोटा सा पल हैं जो हर जगह हो रहा हैं। वह भूतकाल से लेकर भविष्य की समयरेखा पर एक छोटे से बिंदु के समान हैं। जो भूतकाल से आगे बढ़कर भविष्य की तरफ बढ़ता चला जा रहा हैं। हमारे दिमाग में वर्तमान की स्मृतियां भूतकाल के स्वरुप में स्टोर होती जाती हैं। लेकिन इसके लिए हमारा पूरी तरह से जागृत अवस्था में होना अनिवार्य हैं।
वर्तमान को छोड़ कर हम भूतकाल और भविष्य को माप सकते हैं। जैसे की कोई एतिहासिक घटना या कोई शादी के फंक्शन को आप किसी रिकॉर्डिंग यन्त्र से संग्रह कर सकते हैं। इस तरह भविष्य एक बिना रिकॉर्ड की गयी टेप की तरह हैं और भूतकाल रिकॉर्ड की हुई टेप हैं। भविष्य हमारे दिमाग में संग्रहित भूतकाल के अनुभवों की वजह से बनी हुई छबि की तरह प्रतीत होता हैं।लेकिन केवल गति से समय को समजना पर्याप्त नहीं हैं। बल भी समय का हिस्सा बनते हैं। समय को एक तीर के रूप में समजाया जा सकता हैं अगर हम समय को बलों और गति की उपस्थिति के रूप में सोचे। समय की अनुभूति भूतकाल,वर्तमान और भविष्य के रूप में हमारे लिए एक भ्रम पैदा करती हैं। समय का सटीक अनुभव हमें तब तक नहीं हो सकता जब तक उसे भूतकाल या भविष्य से मापा न जाए।